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Jeevan me bachno ka mahetva जीवन मे बचनों का महत्व

                            Commitment in life                                                                                                                                                           
               What is the importance of commitment in life                                                                                                                                                                         

जीवन मे बचनों का महत्व


   जीवन में वचनबद्धता अत्यंत महत्वपूर्ण होती है । । इसका अर्थ होता है , मुख से निकाले गए वचन पर अटल रहना । मुख से निकली वाणी को पूर्ण करने के लिए जी - जान से प्रयास करना और उसे पूर्ण करके । ही दम लेना चाहिए ।
 कथनी और करनी में भिन्नता नहीं , समानता अनिवार्य है । आगे बढ़ने के लिए एक व्यक्ति के लिए विचार का पक्का होना जरूरी है , कच्चा नहीं । पक्के विचार की बदौलत ही उसका व्यक्तित्व निखरता है । उसके अस्तित्व की गरिमा . ' मर्यादा में वृद्धि होती है । इससे प्रतिष्ठा , सम्मान , साख बढ़ती है । उज्ज्वल भविष्य का पथ प्रशस्त होता है । कच्चे , अनगढ़ विचार के कारण व्यक्तित्व खोखला | हो जाता है । जीवन दिशाहीन , नीरस बन जाता है ।
 प्रायः देखने को मिलता है कि व्यक्ति कहते कुछ और करते कुछ और हैं । इससे उनकी अनगढ़ता का पता चलता है । ऐसे व्यक्ति अविश्वासी सिद्ध होते हैं । । इनके ऊपर कोई विश्वास नहीं करता है । कब किधर इनका मन , विचार फिसल जाए बता पाना मुश्किल होता है । गिरगिट की तरह रंग बदलने का इनका स्वभाव होता है । ऐसे व्यक्ति समाज की नजरों में धोखेबाज समझे जाते हैं । इससे व्यक्ति और समाज | को कोई आशा नहीं रहती है । उथले विचार , व्यक्तित्व वाले व्यक्ति के कारण समाज , संस्कृति का पतन होता है । 

खोखले , मर्यादाहीन , आदर्शहीन , मतिभ्रम जैसे व्यक्ति से देश - समाज की उन्नति और गौरव | वृद्धि की आशा नहीं की जा सकती है । यह भविष्य के लिए संकट और चिंताग्रस्त स्थिति उत्पन्न करने का | संकेत है । यह धर्म का लक्षण नहीं है । 
कथनी - करनी में जब भिन्नता दिखाई दे तो वहां धर्म , सत्य का लोप हो जाता है । धार्मिक व्यक्ति अपने वचन के सच्चे , पक्के होते हैं । जो वे कहते हैं उस पर ढ़ढ़ , प्रतिज्ञाबद्ध , संकल्पित रहते हैं । प्राण से भी ज्यादा | मोल ऐसे व्यक्ति के वचन का होता है । इसी से उनकी | गरिमा में वृद्धि होती है । इसी में उनकी इंसानियत और | मानवता की पहचान छुपी होती है ।

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