Key of success
नदी की धारा के बीच भीमकाय चट्टानों को देखने पर मन में एक प्रश्न कौंध उठता है । आखिर नदी की धारा किस प्रकार कठोर चट्टानों को चीरते हुए अपना रास्ता बनाकर अविरल बहती जाती है । लोग यही कहेंगे कि नदी के पानी के बहाव में बेजोड़ ताकत होती है और इससे चट्टानें टूट जाती हैं , किंतु इस प्राकृतिक घटना के इससे भी अधिक तर्कसंगत उत्तर हैं ।
पानी का तेज बहाव निरंतर और अथक रूप से चट्टान पर प्रहार करता रहता है और अंततः नदी सफल होती है । इसमें मानव के लिए सफलता का एक दर्शन है जो नजरअंदाज कर दिया जाता है । मानव का जन्म एक अद्भुत और अनोखे जीव के रूप में होता है , लेकिन समय के साथ वह कमजोरियों का शिकार होता जाता है । वह खुद में समाहित अद्भत शक्ति और अपार संभावनाओं के प्रति अविश्वास शुरू कर देता है । वह अंततः अपने जीवन में देखे गए सपनों को साकार करने के लिए प्रयास ही करना छोड़ देता है ।
हाथी के बच्चे को शुरू में मोटी जंजीरों से बांधा जाता है । वह उस जंजीर को तोड़कर स्वतंत्र होने के लिए जी - जान से प्रयास करता है , लेकिन असफल रहता है । शिशु हाथी के जीवन की यही हार भविष्य में उसकी नियति बन जाती है । बड़ा होने पर चाहे उसे किसी धागे से भी क्यों नहीं बांधा जाए , वह उसे तोड़ कर आजाद होने के लिए प्रयास ही नहीं करता है ।
शिशु हाथी की तरह हम सभी भी अपने जीवन में कई छद्म मानसिक बाधाओं से ग्रसित होते हैं जो हमारे सफल होने के लिए प्रयास करने की राह में बहुत बड़े अवरोध के रूप में कार्य करते हैं ।
महान वैज्ञानिक थॉमस अल्वा एडीसन का हजारों बार असफल होने के बावजूद बिजली के बल्ब के आविष्कार की सफलता में हमारे लिए यह संदेश अमिट होकर रह जाता है कि जीवन में सफलता के लिए खुद की काबिलियत पर अगाध विश्वास से दूसरी बड़ी कोई चीज नहीं है । खुद में विश्वास को अटूट रखते हुए सफल होने के लिए निरंतर प्रयास में ही सफलता का मूल - मंत्र छिपा होता है । उस पर अवश्य गौर करना
Good
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